बाबा रामदेव जाएंगे जेल  ? दवा का दावा करने पर उठी गिरफ्तारी की मांग

अपना एनसीआर अपनी पुलिस लाइफस्टाइल/हेल्थ होमपेज स्लाइडर

लखनऊ : बाबा रामदेव कोरोनील बनाने  के बाद मुसीबत में फंसते जा रहे हैं, दरअसल योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि ने कोरोना के इलाज के लिए दवा कोरोनिल बनाई है. लेकिन आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को आयुर्वेदिक दवाई कोरोनिल के किसी भी प्रचार को रोकने का आदेश दिया है. आयुष मंत्रालय ने पतंजलि की दवा पर स्टेटमेंट जारी कर कहा कि मंत्रालय को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. पहले अपने कागज हमें जमा कराएं और तब तक किसी भी तरह का विज्ञापन या दावा करने से बचें, जब तक तमाम जांच पूरी नहीं होती.

रिसर्च का देना होगा ब्यौरा

आयुष मंत्रालय ने राज्य सरकार, उत्तराखंड से भी दवाई कोरोनिल को लेकर जरूरी जानकारी मांगी है. मंत्रालय ने राज्य लाइसेंसिंग ऑथोरिटी को लाइसेंस कॉपी और प्रोडक्ट को मंजूर किए जाने से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट मांगे हैं. मंत्रालय ने 21 अप्रैल को जारी गैजेट नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि आयुर्वेदिक दवाओं की रिसर्च को लेकर बाकायदा नियम कानून जारी किए गए थे उसी के तहत कोरोना वायरस पर रिसर्च की जा सकती है.

सोशल मीडिया पर उठी गिरफ्तारी की मांग

बाबा की दवाई को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे की जा रहे है, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दवाई को कोरोना के खिलाफ रामबाण मान रहे हैं तो कुछ यूजर्स दवाई को लेकर अलग राय पेश कर रहे हैं, ऐसी है एक यूजर सुमित चौहान ने फेसबुक पर लिखा कि बाबा रामदेव बिना आयुष मंत्रालय की जानकारी के इतने कठिन समय में भी ऐसे भ्रामक प्रॉडक्ट क्यों लॉन्च कर रहे हैं, अगर दवा वाकई सही है तो उन्हें इसके लिए मेडिसन का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए वरना उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए

मंत्रालय ने मांगी कई जानकारियां

आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से दवाओं के नाम और उसके कंपोजीशन की जानकारी मांगी ​है. इसके साथ ही स्टडी की विस्तृत जानकारी और सैंपल साइज की जानकारी भी मांगी गई है यानी कितने लोगों पर स्टडी की गई, इसका ब्यौरा मांगा गया है और उत्तराखंड ड्रग डिपार्टमेंट से अप्रूवल के कागज मांगे गए हैं

 

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *