इगलास महापंचायत में राकेश टिकैत का बयान,बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें किसान

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अलीगढ़: इगलास क्षेत्र के गांव भ्यामल खेड़ा में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने तीनों कृषि कानून के विरोध में किसान पंचायत को सम्बोधित किया. उन्होंने कहा कि इगलास तहसील को चौधरी चरन सिंह मिनी छिपरोली कहते थे. महापंचायत में टिकैत ने कहा कि सरकार आपकी जमीन छीनने का प्लान बना चुकी है और अब हमारे बुजुर्ग हमारे नाम जमीन नहीं कर सकते,    वहीं टिकैत ने किसानों से एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा।

पीएमओ में घुस गए हैं पूंजीपति

तीनों कृषि कानून पर सरकार को घेरते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि, तीनों कानूनों से किसानों का उत्थान करने की बात की गई,लेकिन किसानों का भला होने से पहले ही पूंजीपति पीएमओ में घुस गए उनके गोदाम पहले बन गए . उन्होंने कहा कि 2021 आंदोलन का वर्ष है तो आंदोलन करना होगा.  किसानों के एमएसपी पर कानून बनाने की बात कही लेकिन यहां तो किसान का माल खराब बताकर कम कीमत पर खरीद कर व्यापारी एमएसपी पर बिक्री कर मुनाफा कमा रहे हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि साप्ताहिक बाजार खत्म करने की योजना है क्यों कि पूंजीपति जगह जगह मॉल बनाएंगे और छोटे व्यापारियों को खत्म करने की योजना है. टिकैत ने कहा कि सरकार ने एक ही झटके में बहुत काफ़ी कुछ निपटाने का प्लान बना लिया है. जबकि किसान सांड को भी काबू कर सकता है जो उससे खेत जोतता है, लेकिन जब बैल हरकत करता है तब उसकी नाक में ही रेस और ब्रेक भी होते हैं और उससे ही सरकार का इलाज करना होगा पर समय लगेगा

बीजेपी सांसद के इशारे पर हुआ हमला

अलवर की घटना का जिक्र करते हुए टिकैत ने कहा कि, उनके ऊपर अलवर के भाजपा सांसद के इशारे पर हमला हुआ था पर वे डरने वाल नहीं हैं उन पर हमला कराया और काले झंडे दिखाए परन्तु वो ये भूल गए हैं कि वह स्वयं शनि हैं.इसलिए शनि उनका क्या बिगड़ेगा।

तेज करनी होगी धार, किसान रहें तैयार

टिकैत ने कहा कि आंदोलन को 4 महीने होने जा रहे है और ये 9 माह तक चलने की उम्मीद है. राकेश टिकैत ने सभी किसानों से आहवान किया है कि वह जल्द गाजीपुर बॉर्डर पर आ जाएं. क्योंकि, अब आंदोलन की धार और तेज करनी होगी. आज किसानों का अनाज गोदामो में भरा जा रहा है और रोटी के लिए अनाज दिया जाएगा. इसके अलावा अब एक कानून बीज का आ रहा है जिसके तहत बीज के थाने खुलेंगे और किसी दूसरी कम्पनी का बीज आपने अपने खेत मे डाल दिया तो मुकदमा लिखा जाएगा और सजा होगी. किसान नेता के अनुसार ये कानून इस लिए लाए गए हैं ताकि किसान अपने खेतों को छोड़ कर भागे ओर उद्योगपति कब्जा कर लें।

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