मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षामित्रों के लिए सीएम को लिखे पत्र

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लखनऊ: शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान ना होने के चलते लाखों शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में ही है.सालों से शिक्षामित्र सरकार से समस्या के निवारण की गुहार लगा रहे हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में सभी मंत्री, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को शिक्षामित्रों की समस्या निराकरण की मांग को लेकर 22 जून से 28 जून तक ज्ञापन सौंपा कार्यक्रम चलाया गया जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री विधायकों और अन्यजन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों की समस्याओं का संज्ञान लेकर समाधान का अनुरोध किया ।

किस-किस ने लिखा पत्र

राज्य मंत्री श्री महेश गुप्ता ,मंत्री चौ० उदय भान सिंह सहित दर्जनों विधायक  जैसे मानवेंद्र सिंह,  किरत सिंह, महेश कुमार गोयल, सुशील सिंह, साधना सिंह, दयाराम चौधरी ने पत्र लिखा, इनके अलावा जिला अध्यक्षों जैसे अशोक भारतीय द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों की समस्याओं को संज्ञान में लेकर समाधान करने का अनुरोध किया. उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा मित्रों की समस्या के निराकरण करवाने की मांग की गई ।

क्या हैं मांग…
1- 20 अगस्त 2018 में शिक्षामित्रों की समस्या निदान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री दिनेश शर्मा जी की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर भविष्य सुरक्षित किया जाए ।

2- नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षामित्रों की भी सेवा को 62 वर्ष 12 माह करते हुए शिक्षक के समकक्ष वेतन सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जाए ।

3- कोरोना महामारी के दृष्टिगत जीवन यापन के लिए शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय प्रदान किया जाए ।

संगठन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों का पत्र माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित करने परआभार व्यक्त किया है, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने ये जानकारी दी ।

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