वतन पहुंच रहे प्रवासी मजदूर पर घर अभी भी है दूर

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बुलंदशहर:  जिले में प्रवासी मजदूरों का आगमन जारी है लगभग 5 हजार लोग हर रोज बुलंदशहर पहुंच रहे हैं. जिनको प्रशासन द्वारा आगे उनके गंतव्य स्थानों तक भेजा जा रहा है. साथी अलग-अलग राज्यों से बुलंदशहर निवासी मजदूर जो कि सुबह 4:00 बजे राजस्थान और पंजाब से बुलंदशहर पहुंचे, मजदूरों कि शिकायत है कि उनको कुछ भी नहीं बताया जा रहा है. सुबह से शाम होने को आ गई है अभी तक उनको उनके घरों को नहीं भेजा जा रहा है.

अव्यवस्थाओं की भरमार

बुलंदशहर रोडवेज स्टैंड पर सुबह-सुबह पंजाब और राजस्थान से बुलंदशहर निवासी मजदूर पहुंचे हैं जिन का आरोप है कि उनको सुबह 4 बजे से वेटिंग रूम में बैठाया गया है. जहां पर ना तो उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है और ना ही उन्हें उनके गांवों तक भेजा गया है. सभी की शिकायत है कि पूरी तरह से वेटिंग रूम में गंदगी है , चादर या गद्दे का कोई इंतजाम नहीं है ,छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी नीचे फर्श पर लेटने को मजबूर है. बाथरूम में साबुन या सैनिटाइजर नहीं है पानी भी नहीं मिल रहा है.

प्रशासन भी हुआ बेहरा

जहां मज़दूर एक लंबे इंतजार के बाद अपने जनपद पहुंचे. प्रवासी मजदूरों में खुशी के साथ-साथ मायूसी भी है कि घर के इतने नजदीक होने के बाद भी वह घर नहीं पहुंच पा रहे हैं, मजदूरों का कहना है कि वह पहले से ही क्वारंटाइन होकर यहां पहुंचे हैं. सारे परीक्षण भी उनके पहले से ही हो चुके हैं उसके बाद भी प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा है, तो कुछ की शिकायत है की उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं वह गंदगी में ऐसे ही फर्श पर बैठे हुए हैं. यदि कोरोना वायरस का एक भी कीटाणु यहाँ गंदे पड़े फर्श पे हुआ तो हम सब की ज़िन्दगी खतरे में आ जाएगी और फिर उनके परिवारों का क्या होगा.

कब खत्म होगा इंतजार

कहीं ना कहीं प्रवासी मजदूरों की मुसीबत अभी भी कम नहीं हुई है. बुलंदशहर पहुंचने के बाद भी अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं प्रवासी मजदूर. रोष और गुस्से से लाल हुए वेटिंग रूम में इंतजार कर रहे हैं यह प्रवासी मजदूर. एक लंबी जुदाई के बाद कैसे वो अपने  गांव तक पहुंचे. सभी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि हम सब को हमारे घर पहुंचा दिया जाए ताकि ये सब लोग भी अपने परिवार के साथ इस संकट की घड़ी में वक्त गुजार सकें

 अपना उत्तर प्रदेश के लिए बुलंदशहर से वरिष्ठ संवाददाता समीर अली की रिपोर्ट

 

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