इस मोर्चे पर भारत से डर गया चीन, अब हर हफ्ते

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नई दिल्ली : भारत और चीन पूर्वी लद्दाख इलाके में तनाव कम करने के लिए हर सप्ताह की बैठक करेंगे. सरकार से जुड़े एक सूत्र ने बताया है कि इस बात पर सहमति बन गई है कि पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए हर सप्ताह की मीटिंग होगी. इस दौरान भारतीय पक्ष में सुरक्षाबलों के अधिकारियों समेत कई मंत्रालयों के प्रधिनिधि शामिल होंगे, जैसे विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय.

पहले भी हुईं कई बैठकें

उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह भी WMCC की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी, जिसमें पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने को लेकर उठाए जाने वाले कदमों को लेकर चर्चा हुई थी. सूत्रों का कहना है कि उस बैठक के दौरान चीनी पक्ष गलवान घाटी में 15 जून को भारतीय सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में मारे जाने वाले चीनी सैनिकों की संख्या पर चुप्पी साधा रहा. हालांकि भारत ने इस दौरान शहीद होने वाले जवानों के बारे में जानकारी साझा की, लेकिन चीन अब तक इसपर खामोश है.

सैनिकों को एयरलिफ्ट किया गया

वहीं भारत में दावा किया जा रहा है कि हिंसक झड़प में 43 चीनी सैनिक हताहत हुए, जिन्हें एयरलिफ्ट किया गया. सूत्रों ने ये भी बताया कि बैठक के दौरान चीनी पक्ष ने गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया. साथ ही उसने बैठक के दौरान मुद्दे को समझने के लिए 1959 के मैप का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा, लेकिन भारतीय पक्ष ने इसे नकार दिया. ये वही मैप थे, जिनको लेकर 1962 के पहले भी चर्चा की गई थी, तब भी भारत ने इन्हें नकार दिया था. दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर 1962 में जंग छिड़ गई थी.

 

 

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