ज्ञानवपी: सर्वे…शिवलिंग…फव्वारा…दावे और सच?

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वाराणसी:उत्तर प्रदेश के वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का काम तीन दिन की कवायद के बाद पूरा हो गया है. कोर्ट के आदेश पर 12 मई से चले सर्वे के काम में 3 दिन तक तमाम पहलुओं की पड़ताल की गई. कमिश्नर की अगुवाई में 52 सदस्यीय टीम ने परिसर के तहखाने से लेकर ऊपरी हिस्से तक सर्वेक्षण किया. हालांकि इस बीच तीसरे दिन सूचनाएं लीक करने के आरोप में एक सदस्य को हटा भी दिया गया. वहीं वाराणसी कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को भी हटा दिया. दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए शिवलिंग को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नमाज जारी रखने के आदेश दिए हैं ।

शिवलिंग का दावा

इस बीच हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि, नंदी के मुख के सामने मस्जिद के वजू खाने से 12 फीट 8 इंच का शिवलिंग मिला है. याचिकाकर्ता सोहन लाला आर्य और हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने भी शिवलिंग का दावा किया.  हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने अहम सबूतों को संरक्षित और सुरक्षित करने की याचिका दी. इसी याचिका के बाद वाराणसी कोर्ट के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर के आदेश पर वजू खाने वाली जगह को सील किया गया.  जिला प्रशासन और सीआरपीएफ को सील वाले एरिया में तैनात करने के आदेश दिए. केवल 20 लोगों के नमाज पढ़ने के भी आदेश दिए गए. उस जगह के सुपरविजन के लिए जिला प्रशासन से लेकर डीजीपी और मुख्य सचिव की भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की गई ।

मुस्लिम पक्ष ने फोटो की वायरल

शिवलिंग के दावे के बाद, वजू खाने के सील होने के पर मुस्लिम पक्ष ने भी दावा किया है कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वह एक फव्वारा है. यही नहीं, मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने इसकी फोटो भी वायरल कर दी. मुस्लिम पक्ष के वकील तौहीद की तरफ से वायरल फोटो की, ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतजामिया कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने पुष्टि की है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मुगल काल की मस्जिदों में वजू खाने के अंदर फव्वारा लगाए जाने की परंपरा रही है. उसी का एक पत्थर आज सर्वे में मिला है, जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है ।

शिवलिंग के दावे पर सवाल

शिवलिंग के मिलने की खबर पर चारों तरफ खलबली मच गई. पक्ष विपक्ष अपने-अपने तरीके से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शिवलिंग के दावे पर सवाल उठाए हैं. उन्‍होंने कहा, ‘दावा किया जा रहा है कि शिवलिंग मिला है बल्कि मस्जिद कमेटी ने बताया कि वो मस्जिद का फव्वारा है और मस्जिद में ये होता है. अगर ये शिवलिंग था तो कोर्ट के कमिश्नर को कहना चाहिए था. कोर्ट का सील करने वाला आदेश 1991 एक्ट के खिलाफ है. इससे पहले भी ज्ञानवापी मस्जिद में हो रहे सर्वे को लेकर ओवैसी ने कहा था ‘कि हमने बाबरी मस्जिद को खोया है, लेकिन अब दोबारा कोई मस्जिद नहीं खोएंगे और ज्ञानवापी कयामत तक मस्जिद ही रहेगी’।

 कैसे हुआ सर्वे…

3 कोर्ट कमिश्नर दोनों पक्षों के सदस्यों को मिलाकर करीब 52 सदस्यों के साथ इस पूरे सर्वे को अंजाम दिया गया. वाटर प्रूफ और अत्याधुनिक कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया. पूरे सर्वे की वीडियोग्राफी की गई. और मस्जिद परिसर के करीब एक किलोमीटर के दायरे में 1500 से अधिक पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई।

पहले दिन का सर्वे ।

पहले दिन का सर्वे सुबह 8 बजे शुरु हुआ था. जिसमें ज्ञानवापी परिसर के तहखानों के 4 कमरों का निरिक्षण किया गया था. इसमें तीन कमरे मुस्लिम पक्ष और एक कमरा हिंदू पक्ष के पास था.  सर्वेक्षण के बाद सभी स्थान को एक बार फिर सील कर दिया गया है।

दूसरे दिन का सर्वे

दूसरे दिन सर्वे का काम अधिक समय तक चला. परिसर की पश्चिमी दीवार के अलावा चौथे तहखाने और गुंबद पर सर्वे का काम हुआ.

तीसरे दिन का सर्वे

तीसरे दिन यानि सोमवार को करीब दो घंटे तक सर्वे का काम चला. सर्वे के इस आखिरी दिन में टीम के अधिकारियों और उच्चाधिकारियों ने परिसर में मौजूद तालाब का पानी निकालकर वीडियोग्राफी कराई. इसी दौरान हिंदू पक्ष के वकील ने दावा किया कि अंदर एक कुएं में शिवलिंग मिला है।

वाराणसी कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

3 दिन के सर्वे के बाद दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं. 17 मई को इस सर्वे की रिपोर्ट वाराणसी कोर्ट में पेश होनी है. लेकिन खबर ये भी है कि, कई घंटो की वीडियोग्राफी और लंबी-चौड़ी रिपोर्ट के चलते ये पूरी रिपोर्ट जमा नहीं हो पाएगी. वकीलों ने कोर्ट से रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा है.सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय सिंह ने कहा है कि, आज कोर्ट में रिपोर्ट सबमिट नहीं हो पाएगी’. वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है. ज्ञानवापी की अंजुमन इंतजामिया कमेटी सर्वे के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है ।

 

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