बलि, कोरोना को रोकने के लिए जीभ काटकर मंदिर में चढ़ाई

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बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक किसान परिवार की लड़की ने देश में कोरोना के खात्मे के लिए अपनी जीभ काटकर मंदिर में चढ़ा दी.मामला बदौसा थाना क्षेत्र के भदावल गांव का है जहां एक किसान परिवार रहता है. उनकी की पांच लड़कियां और दो लड़के हैं. जिनमें उनकी सबसे छोटी बेटी ने बीती शाम देश को  बीमारी से बचाने के लिए अपनी जीभ काटकर मंदिर में चढ़ा दी. इस बात की तस्दीक अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने की है.

शिव मंदिर में चढ़ाई जीभ

दरअसल किसान सौखी लाल की 14 साल बेटी गायत्री रोज की तरह घर से मंदिर को निकली. उसने घर से कुछ पैसे भी लिए. इसके बाद उसने दुकान से ब्लेड खरीदी और शिव मंदिर में पूजा करने पहुंच गई. इसी बीच उसने अपनी जीभ काटकर भगवान को चढ़ा दी. जानकारी मिलने पर उसके परिजनों ने एंबुलेंस को सूचना दी लेकिन न तो एंबुलेंस पहुंची और न गांव वालों ने बच्ची को अस्पताल ले जाने की कोशिश की. बच्ची मंदिर में खून से लथपथ लेटी रही. घटनास्थल पर आसपास के ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया और लोग पैसे चढ़ाने में व्यस्त हो गए. मगर बच्ची अस्पताल भिजवाने की सुध किसी ने नहीं ली.

देश को कोरोना से बचाना चाहती थी बच्ची

घटनास्थल पर पहुंचकर जब केस स्टडी की गई तो बच्ची की एक सहेली और उसके परिवार वालों ने उसकी भक्ति के बारे में बताया. वह सोचती थी कि किसी भी तरह से कोरोना महामारी से देश को निजात मिले. चाहे इसमें उसकी जान ही क्यों ना चली जाए. इसी को ध्यान में रखते हुए नाबालिक बच्ची ने अपनी जीभ काटकर मंदिर में चढ़ा दी. वहीं अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने बताया की जैसे ही पुलिस को सूचना लगी मौके पर पहुंचकर बच्ची को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया. उन्होंने ने बताया कि ये बच्ची चार पांच साल से रोज सुबह-शाम मंदिर में पूजा करने जाती थी और कुछ न कुछ उसके दिमाग में था जो उसने इस तरह की हरकत की.

 

 

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