योगी आदित्यनाथ ने गरीबों की मदद करने में बनाया रिकॉर्ड, अखिलेश यादव-मायावती रहे बहुत पीछे

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लखनऊ: कोरोना काल हो या बाढ़ हो या सूखा जैसी कोई विपत्ती, प्रदेश की जनता के हर दुख में खड़े रहने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ गया है. दरअसल, गरीबों और बीमारों की मदद करने में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़कर मदद के मामले में प्रदेश के नंबर वन सीएम बन गए है।

सीएम ने ऐसे तोड़े सभी रिकॉर्ड

दरअसल, सीएम के विवेकाधीन कोष यानी फंड से लोगों की मदद करने का नियम है. इसमें वे किसी की भी किसी हद तक जाकर मदद कर सकते हैं. ये फैसला मुख्यमंत्री के विवेक पर होता है. ऐसे में पिछले चार सालों में योगी सरकार ने इस फंड से करीब एक हज़ार करोड़ रूपये की मदद दी है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने विवेकाधीन कोष के तहत पिछली सरकारों से कई गुना ज्यादा गरीबों और गंभीर रोगियों की मदद की है. सीएम ऑफिस की तरफ से इस फंड को लेकर ब्यौरा जारी किया गया है. जिसमें  सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुराने रिकार्डों को तोड़ते हुए चार साल में ग़रीबों और बीमारों को 10 अरब रुपए दिए हैं. सबसे ज्यादा कैंसर, किडनी और दिल के रोग के इलाज के लिए रुपए दिए गए है।

किस साल कितने लोगों की मदद

 साल 2017-18: इस साल 13 हजार 224 लोगों को एक अरब 84 करोड़ 42 लाख 88 हजार 750 रुपए की मदद की गई।

साल 2018-19 :इस साल 17 हजार 772 लोगों को दो अरब 56 करोड़ 34 लाख 61 हजार 400 रुपए दिए गए ।

साल 2019-20: इस साल 18 हजार 14 लोगों को दो अरब 80 करोड़ 23 लाख 56 हजार 695 रुपए की सहायता की गई ।

साल 2020-21: इस साल में 64 हजार 357 लोगों को 996 करोड़ रुपए दिए गए ।

 

किस सीएम ने की कितनी मदद 

अखिलेश सरकार- पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के पांच साल केकार्यकाल में 42 हजार 508 लोगों को 552 करोड़ दिए गए थे।

मायावती सरकार- मायावती के सीएम रहते हुए पांच साल में बहुत कम लोगों को इस फंड से सहायता मिल पाई. आंकड़ों की बात करें तो बहन जी की सरकार में केवल 18 हजार 462 लोगों को मात्र 84 करोड़ रुपए दिए गए।

सांसद रहते भी करते थे सहायता

लोकसभा सांसद रहते हुए भी योगी आदित्यनाथ लोगों की ऐसे ही मदद किया करते थे. गोरखनाथ मंदिर में सुबह 6 बजे से उनके यहां जरुरतमंदों का आना शुरू हो जाता था. इस दौरान वो गरीबों के शादी ब्याह से लेकर उनके इलाज तक में सहायता किया करते थे. कुछ लोगों की मदद वो एमपी फंड से किया करते थे, जबकि कई लोगों का काम वो गोरक्षा पीठ की तरफ से कर देते थे. योगी आदित्यनाथ लगातार 5 बार गोरखपुर से सांसद रहे ।

 

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