रुपयों के लेन-देन से कोरोना होने की बात कितनी सच-कितनी झूठ ?

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नई दिल्ली : RBI ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कोरोना से बचने की सलाह देते हुए कैश की बजाय ऑनलाइन पेमेंट के विकल्प को अपनाए जाने पर जोर दिया है. ये महज आशंका है या कोरोनावायरस का खौफ, लेकिन अगर इसमें रत्ती भर भी सच्चाई छिपी है तो कोरोना किसी को भी संक्रमित करने का जरिया नोट या सिक्कों को बना सकता है. RBI ने 17 मार्च को एक नोटिफिकेशन जारी किया. इसमें कहा गया कि देश में कोरोनावायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है. हर दिन इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है. कोरोनावायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए यह जरूरी है कि सोशल कॉन्टेक्ट कम से कम किया जाए. कैश की बजाय ऑनलाइन पेमेंट के विकल्प को अपनाया जा सकता है.

ऑनलाइन को बढ़ावे देने के लिए था नोटिफिकेशन

दरअसल RBI लोगों को यह बताया कि NEFT, IMPS, UPI और BBPS जैसी ऑनलाइन पेमेंट की सुविधाएं उपलब्ध हैं. इनके जरिए किसी भी वक्त फंड ट्रांसफर, सामान की खरीद, सेवाओं का उपभोग और बिल पेमेंट कर सकते हैं. RBI ने कहा है कि कोरोनावायरस के संक्रमण को सीमित करने के प्रयासों के तहत सोशल कॉन्टेक्ट, पब्लिक प्लेस पर आवागमन को सीमित किया जा रहा है और नकदी के प्रयोग कि जगह डिजिटल माध्यम से भुगतान किया जाए.

भीड़भाड़ वाले स्थान से बचने की सलाह

याद रहे कि रिजर्व बैंक ने अपने नोटिफिकेशन में साफ तौर पर कहा कि आप अपने घर से भी मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और कार्ड्स के जरिए पेमेंट कर सकते हैं. कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने और कैश के इस्तेमाल से बचना चाहिए.वैज्ञानिक तौर पर भी यह शोध में सामने आया है कि नोट-सिक्के कई तरह कि बीमारी फैलाते हैं. हालांकि कोरोना जैसे घातक और जानलेवा वायरस का संक्रमण इनके जरिए होता है. यह शोध नहीं हो सका है, मगर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंट्रीग्रेटिव बॉयोलॉजी द्वारा 2015 में किए गए एक शोध में कहा था कि करेंसी नोटों से करीब 78 तरह की बीमारियां फैलती हैं. नोटों के जरिए बैक्टेरिया और वायरस एक स्थान से दूसरे स्थान तक भ्रमण करते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं. इसलिए एहतियातन सावधानी बरतना जरूरी है.

क्या कहता है WHO

WHO का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को कोरोनावायरस है और उसने कोई वस्तु छू ली है और जो कोई भी उस वस्तु को छुएगा, उसे भी नए करोनावायरस का संक्रमण फैल सकता है. कोरोना वायरस कुछ घंटो या उससे अधिक समय तक किसी भी निर्जिव वस्तु के बाहरी सतह पर जीवित रह सकता है. ऐसे में नोटों और सिक्कों के प्रयोग से या तो परहेज करें या फिर प्रयोग के दौरान सावधानी और सतर्कता का इस्तेमाल करें

 

 

 

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