लॉकडाउन में आगरा के 3500 गाइडों के आगे रोटी का संकट

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लखनऊ : देशभर में कोरोनावायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए 17 मई तक लॉकडाउन है. ऐसे में सभी पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए है. आगरा के ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, आगर फोर्ट अन्य पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया है. जिसकी वजह से गाइड्स का काम ठप है. इस समय सबसे ज्यादा इन्हीं लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

सीजनल बेसिस पर होती है कमाई

एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन आगरा के प्रेसिडेंट संजय शर्मा ने बताया, “कोरोनावायरस की वजह से सभी व्यापार पर प्रभाव पड़ा है. लेकिन अगर हम पर्यटन या गाइड की बात करें तो इस क्षेत्र पर काफी प्रभाव पड़ा है क्योंकि ये सीजनल बेसिस पर होता है. पर्यटक एक साल पहले से ही अपनी यात्राओं को बुक कर देते हैं.” उन्होंने कहा, “पर्यटन पर अप्रैल 2021 तक प्रभाव रहेगा. मेरे विचार से सितंबर या अक्टूबर 2021 तक यह वापस पटरी पर आ पाएगा. क्योंकि अक्टूबर से मार्च तक ही इसका सीजन होता है. पर्यटकों ने अपनी बुकिंग कैंसिल कर दी हैं. पर्यटक घबराए हुए हैं. पेनिक सिचुएशन में हैं. लोग अपने घरों से ही बाहर नहीं निकल रहे हैं तो दूसरे देश घूमने क्यों जायेंगे.”

पैदा हुआ रोटी का संकट

उन्होंने कहा, “रीजनल लेवल के गाइड्स को पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय से लाइसेंस मिलता है जिनकी संख्या करीब 3500 से 4000 तक है. आगरा में जो रीजनल गाइड है उनकी संख्या 469 है.” उन्होंने बताया, ” पर्यटन 6 महीने का होता है और जिन गाइड के पास लाइसेंस है वो ऑफ सीजन कुछ और जॉब नहीं कर सकते यानी कि इस वक्त हमारे पास कोई और ऑप्शन नहीं है. क्योंकि हमारा जब लाइसेंस बनता है तो उसमें बहुत सारी शर्ते होती हैं जिसके तहत हम कोई और नौकरी नहीं कर सकते.”

 

 

 

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